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भारत में सरकार की प्रणाली (System of government in india)

भारत में सरकार की प्रणाली संसदीय व्यवस्था (Parliamentary system of government in India)

भारत में सरकार की प्रणाली (System of government in india) : नमस्कार दोस्तों हमारे website“currentnotes.in”  में आपका स्वागत है  | इस समय हम संविधान पर विस्तृत चर्चा कर रहे हैं | जो की बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है | सभी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे भारत में सरकार की प्रणाली , संघीय सरकार की रूपरेखा, भारत के राष्ट्रपति, भारत के राष्ट्रपति भवन, और भी बहुत महत्वपूर्ण रोचक तत्व राष्ट्रपति के बारे में | और भारत सरकार की कार्यप्रणाली के बारे में  | दोस्तों इसमें हमने बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया है | जो आपकी परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं | इसमें हमने कुछ पिंप्वाइंट(PIN POINT) है | जो की परीक्षाओं में सीधे सीधे पूछ लिए जाते हैं | इसमें  हमने जरूर जाने भी सम्मिलित किया है | जो आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण बिंदु साबित होगा | एक नजर तुलनात्मक अध्ययन भी किया गया है |

 संसदीय व्यवस्था (Parliamentary system of government in India) –

  • लोकतांत्रिक देश में प्राया :  सरकार या तो ब्रिटिश मॉडल की संसदीय प्रणाली की होती है या अमेरिकी मॉडल की अध्यक्षीय प्रणाली की होती है |
  • भारत में आवश्यक परिवर्तन के साथ ब्रिटिश मॉडल मॉडल की संसदीय प्रणाली को अपनाया गया है |
  • भारतीय संविधान में संघात्मक प्रणाली के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य दोनों अपने शक्तियां सीधे संविधान से प्राप्त करते हैं |
  • केंद्र स्तर पर सरकार के 3 अंगों में (कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका ) किसी को सर्वोच्चता ना देकर संविधान को सर्वोच्च माना गया है |
  • सुप्रीम कोर्ट को सरकार के विभिन्न अंगों की समीक्षा की शक्ति देने के कारण इसे महत्वपूर्ण बना दिया गया है |
  • शासन की संसदीय प्रणाली के कारण कार्यपालिका के केंद्र में दो प्रमुख होते हैं – इस प्रणाली में कार्यपालिका (मंत्रिपरिषद) सामूहिक रूप से संसद के प्रति उत्तरदाई है |
  • संसदीय प्रणाली में अमेरिका की अध्यक्ष प्रणाली की तुलना में अस्थिरता है |
  • भारत की संसदीय प्रणाली ब्रिटिश मॉडल से प्रेरित किंतु परिवर्तन के साथ स्थापित की गई है |
  • ब्रिटेन में संसद सर्वोच्च है जबकि भारत में संविधान को सर्वोच्च मानते हैं ब्रिटिश में अनुवांशिक राष्ट्रपति राजा होता है जबकि भारत में राष्ट्रपति निर्वाचित होता है |

Parliamentary system
Parliamentary system

भारतीय लोकतंत्र की विशेषता है कि – भारत में सरकार की प्रणाली (System of government in india)

  • यह निरंकुशता(Despotism) को कोई स्थान नहीं है |
  • संविधान को सर्वोच्च दर्जा यहां प्राप्त है |
  • सरकार के सभी अंग अर्थात विधायिका (ब्रिटेन में सर्वोच्च) कार्यपालिका न्यायपालिका (अमेरिका में सर्वोच्च) सभी संविधान के अधीन है |
  • सभी वित्तीय विधि एवं न्यायालय के समक्ष समान है |
  • Government  के सभी अंग (केंद्र एवं राज्य) संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों एवं अधिकारों का प्रयोग करते हैं |तथा व्यक्ति के अधिकारों के हित में मर्यादित संतुलन स्थापित करते हैं |
  • अर्थात लोक कल्याणकारी राज्य का निर्माण ही हमारी सरकारों का मुख्य लक्ष्य है तथा इस दिशा में प्रयास रचनात्मक रहे हैं |

 भारत के राष्ट्रपति – भारत में सरकार की प्रणाली (System of government in india) –

  • राष्ट्रपति गणराज्य का प्रतीक है | अनुच्छेद 53 के अनुसार संघ की समस्त कार्यपालिका का अध्यक्ष होता है |
  • अनुच्छेद 79 के अनुसार संसद के तीनों अंगों में राष्ट्रपति भी शामिल है|  राष्ट्रपति तीनों सेनाओं(army) का अध्यक्ष तथा केंद्र एवं राज्य संबंधों में समन्वयक की भूमिका निभाता है |
  • विश्व के लोकतांत्रिक देशों में शासन की प्रचलित 2  प्रणालियां है – संसदीय aur  अध्यक्षीय दोनों ही प्रणालियों में राष्ट्रपति का पद होता है |
  • संसदीय प्रणाली में राष्ट्रपति की भूमिका संवैधानिक एवं सीमित होती है वही अध्यक्षीय प्रणाली में वास्तविक एवं व्यापक होती है |
  • भारत में शासन की संसदीय प्रणाली में राष्ट्रपति की सामान्यता:  वही भूमिका है | जो ब्रिटेन में राष्ट्र अध्यक्ष की  | –  किंतु भारत में राष्ट्रपति कई अर्थों में ब्रिटिश प्रणाली से  भारतीय हितों के अनुरूप विशिष्ट भूमिका निभाता है |
  • इसी कारण राष्ट्रपति को “वीटो पावर” ( power) यू मंत्रिपरिषद की सलाह को पुनर्विचार हेतु वापस करने की शक्ति प्राप्त है |
  • भारतीय राष्ट्रपति – ब्रिटिश की तरह ना  निष्क्रिय एवं शक्ति सुनने हैं | और ना ही अमेरिका की तरह सक्रिय एवं सत्ता का केंद्र है |
  • भारतीय राष्ट्रपति संसदीय शासन प्रणाली में सामान्य एवं संरक्षक की भूमिका निभाता है |
भारत के राष्ट्रपति - भारत में सरकार की प्रणाली (System of government in india)
भारत के राष्ट्रपति – भारत में सरकार की प्रणाली (System of government in india)

राष्ट्रपति का निर्वाचन  AND  रीति ( अनुच्छेद 54 – 55) –

  • संसद के दो संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्यों तथा देश के समस्त राज्यों की विधानसभाओं (दिल्ली व पांडिचेरी भी शामिल हैं) | के निर्वाचित सदस्यों द्वारा  अप्रत्यक्ष,  गुप्त मतदान ,समानुपातिक विधि एवं एकल संकरण उमरिया संक्रमणीय पद्धति द्वारा होता है |
  • अनुच्छेद 57 के अनुसार राष्ट्रपति पुनः निर्वाचन का पात्र होगा अर्थात वह कई बार चुनाव लड़ सकता है |
  • संघ की कार्यपालिका शक्ति का उल्लेख संविधान के भाग – 5 में “अनुच्छेद 52” से अनुच्छेद 78 के बीच है
  • इसमें – राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति , मंत्रिपरिषद , प्रधानमंत्री, महान्यायवादी, शामिल है |
  • भारत में ब्रिटेन की तरह कार्यपालिका की शीर्ष पर दो संवैधानिक पदाधिकारी क्रमश: राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री होते हैं |
  • किंतु(but) भारत में राष्ट्रपति निर्वाचित होता है | (ब्रिटेन में अनुवांशिक) ब्रिटेन के अध्यक्ष की तरफ हमारा राष्ट्रपति ना रबड़ स्टैंप होता है तथा ना ही अमेरिका की तरह सक्रिय होता है |
  • अब भारत में राष्ट्रपति कार्यपालिका विधायिका संसद का अंग के लिए सामान्य वित्त तथा विशेष परिस्थितियों में संविधान संरक्षण संरक्षक की भूमिका में होता है |
President of India home
President of India home

संघ की कार्यपालिका –

  • संघ की कार्यपालिका का संवैधानिक अध्यक्ष होने के साथ राष्ट्रपति गणराज्य(republic) का प्रतीक होता है |
  • अनुच्छेद 53 में संघ की समस्त कार्यपालिका की शक्ति राष्ट्रपति में निहित होती है |
  • रोचक है कि : वास्तविक कार्यपालिका शक्ति प्रधानमंत्री में निहित होती है |
  • अनुच्छेद 74 के अनुसार  – मंत्रिपरिषद एवं इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति कार्य करता है |
  • वस्तुतः अनुच्छेद 77 के अनुसार “राष्ट्रपति” के नाम से समस्त कार्यपालिका शक्तियों का निर्वाहन किया जाता है किंतु यह मंत्रिपरिषद की सलाह पर किया जाता है |
  • यह जानना महत्वपूर्ण है कि –  राष्ट्रपति प्रत्येक दशा में , मंत्रिपरिषद की  सलाह को मानने के लिए बाध्य नहीं है | क्योंकि ब्रिटेन के अनुवांशिक राष्ट्राध्यक्ष की तरह यह  शक्ति zero भी नहीं है |
  • विशेष अवसरों एवं परिस्थितियों में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के क्रम में हमारा राष्ट्रपति स्वविवेक की शक्तियों का प्रयोग करके संविधान के संरक्षक की भूमिका भी निभाता है |
  • अनुच्छेद 74 में ही राष्ट्रपति को किसी निर्णय या विधेयक पर पुनर्विचार की शक्ति भी प्राप्त है |
  • यही कारण है कि – भारत के राष्ट्रपति को संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हेतु (वीटो पावर) की शक्ति भी दी गई है |
  • अभी तक वीटो पावर का प्रयोग करने वाले “एकमात्र राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह है राष्ट्रपति की स्वविवेक शक्तियां सीमित है |तथा संवैधानिक परंपराओं द्वारा मर्यादित भी हैं |
  • एक परंपरा यह भी है कि अल्पमत की सरकार की सलाह मानने के लिए बाध्य नहीं है |
Executive of the Union
Executive of the Union –
Difference between President and Governor
Difference between President and Governor

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, भारतीय चुनाव आयोग- ECI ने एक RTI के माध्यम से पूछा था कि क्या नवगठित जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल का हिस्सा होगा।

प्रमुख बिंदु – (key points)

  • एक छात्र द्वारा दिए गए इस आरटीआई(RTI) में, राज्य और संघ विधान सभाओं की एक सूची मांगी गई थी जो राष्ट्रपति के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल का हिस्सा है।
  • आरटीआई(RTI) में, चुनाव आयोग से यह भी स्पष्ट करने के लिए कहा गया था कि क्या जम्मू कश्मीर का नवगठित केंद्र शासित प्रदेश चुनावी कॉलेज का हिस्सा है या नहीं।
  • केवल एक लाइन में इस आरटीआई(RTI) का जवाब देते हुए, चुनाव आयोग ने कहा – कि इस संदर्भ में जानकारी के लिए, आवेदक को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 54 को देखने के लिए कहा गया है।
Comparative parliament system
Comparative parliament system

महत्वपूर्ण है कि –

  • भारत में राष्ट्रपति पुनः निर्वाचन का पात्र होता है| तथा इसकी अवधि 5 वर्ष होती है | किंतु उसके पूर्व ही वह उपराष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र दे सकता है |
  • जिसकी सूचना लोकसभा अध्यक्ष को दी जाती है भारत में राष्ट्रपति को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य विशिष्ट  न्यायाधीश द्वारा (अनुच्छेद 60 ) शपथ दिलाई जाती है |
  • राष्ट्रपति को उसके पद से हटाने की प्रक्रिया महाभियोग तथा आधार संविधान का अतिक्रमण है |
  • जिसका उल्लेख अनुच्छेद 61 में है |  राष्ट्रपति के विरुद्ध महाभियोग संसद द्वारा चलाई जाने वाली न्यायिक प्रक्रिया है |
  • जिसकी सूचना राष्ट्रपति को 14 दिन पूर्व (सदन की ¼ (एक चौथाई) सदस्यों के हस्ताक्षर युक्त प्रस्ताव ) को दी जानी चाहिए |  सांसद द्वारा दो तिहाई बहुमत से पारित महाभियोग प्रस्ताव के बाद उसका पद रिक्त समझा जाता है |
  • संग सरकार की समस्त कार्यपालिका विधायिका प्रशासनिक न्यायिक सैनिक एवं राज्य तथा आपातकालीन शक्तियों का निर्वाहन राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री होम मंत्रिपरिषद की सलाह किया जाता है |
महत्वपूर्ण है कि -
महत्वपूर्ण है कि –

अन्य तथ्य –

  • मजदूर यूनियन से संबंधित रहे राष्ट्रपति वी.वी गिरी |
  • “my presidential years” प्रसिद्ध पुस्तक के लेखक आर वेंकटरमन हैं |
  • वीटो पावर का प्रयोग (डाक विधेयक पर) करने वाले एकमात्र राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह |
  • प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की पुस्तक “इंडिया डिवाइडेड”  |
  • इंदिरा गांधी की सरकार ने संविधान संशोधन के द्वारा राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित किया था |
  • जिसमें आगे चलकर “जनता पार्टी” ने कुछ सुधार किया |
  • अभी तक किसी राष्ट्रपति के विरुद्ध महाभियोग का प्रस्ताव नहीं लाया गया है |
Article related to the President at a glance : एक नजर में राष्ट्रपति से संबंधित अनुच्छेद
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Must read :–
राजभाषा(Official Language)
मूल कर्तव्य (Core Duties)
महत्वपूर्ण संविधान संशोधन(Important Constitution Amendment)
Vice-President -(उपराष्ट्रपति )
भारतीय संविधान(Indian Constitution)
संविधान के स्रोत : प्रकृति एवं विशेषताएं
संविधान की प्रस्तावना(Preamble to the Constitution)
नागरिकता(Citizenship)
मूल अधिकार (Fundamental Rights)
Directive Principles of Policy (Part -4, Articles 36 – 51)

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