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भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक Comptroller and Auditor General of India

Comptroller and Auditor General of India –

  • Comptroller and Auditor General of India – भारतीय संविधान के अनुच्छेद 148 भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के स्वतंत्र पद की व्याख्या है
  • यहां नियंत्रक का अर्थ है सरकार के समस्त खर्चों पर निगरानी करना तथा ऐसे  प्राधिकार रखना जो सरकार के वित्त पर नियंत्रण नियंत्रण रखें
  • महालेखा परीक्षक का अर्थ है – संसद द्वारा आवंटित धन की देख-रेख करना साथ ही यह देखना कि सरकारी धन का उपयोग उचित तरीके से हो रहा है या नहीं, साथ ही साथ सरकार को वित्तीय मित्रता के उपाय सुधाना भी इसका महत्वपूर्ण कार्य है
  • नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक लोक वित्त के संरक्षक होने के साथ-साथ देश की संपूर्ण वित्तीय व्यवस्था(ALL financial system) का नियंत्रक होता है
  • इसका नियंत्रण राज्य एवं केंद्र दोनों स्तरों पर होता है इसका कर्तव्य होता है कि भारत के संविधान एवं सांसद की विधि के तहत वित्तीय प्रशासन पर निगरानी रखना |
  • वर्ष 1976 तक नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के कर्तव्यों और अधिकारों की सीमा के अंतर्गत केंद्र तथा राज्य सरकार दोनों के लेखा परीक्षण |
  • तथा सभी तरह के वित्तीय लेनदेन के समस्त लेके सम्मिलित थे परंतु  वर्षा 1976 के संसद द्वारा पारित|
  • एक अधिनियम के माध्यम से कैद(CAG) को लेखांकन संबंधी दायित्व से पूर्णता मुक्त करते हुए उसके कार्य को केवल लेखा परीक्षण तक सुनिश्चित कर दिया गया है |

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने कहा था – कि नियंत्रक महालेखा परीक्षक भारतीय संविधान के तहत सर्वोच्च अधिकारी होगा

यह लोकतांत्रिक व्यवस्था में भारत सरकार सरकार के वित्तीय रक्षकों में से एक होगा इन व्हिच ईयर अक्षता में उच्च न्यायालय निर्वाचन आयोग एवं संघ लोक सेवा आयोग सम्मिलित है

कैग(CAG) की संरचना -भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक Comptroller and Auditor General of India

  • नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक एकल सदस्य संस्था है | यह भारत के महालेखा परीक्ष विभाग का संवैधानिक प्रमुख होता है, और इस विभाग के अन्य अधिकारी उनके अधीनस्थ होते हैं|
  • भारत के अन्य राज्यों में  CAG के अभिकर्ता(AGENT) के रूप में कई अन्य अकाउंटेंट जनरल नियुक्त किए जाते हैं , जो राज्य सरकार के लिखो की जानकारी देते हैं |

नियुक्ति, कार्यकाल ,एवं पद मुक्ति

  • (CAG) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है तथा तथा राष्ट्रपति के समक्ष शपथ ग्रहण करता है |
  • कैग(CAG) का कार्यकाल 6 वर्ष या अधिकतम 65 वर्ष की आयु होता है इससे पहले वह किसी भी समय राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र भेजकर पद छोड़ सकता है |
  • कैग(CAG)  को अपने पद से उसी प्रकार से हटाया जा सकता है जैसे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जा सकता है |
  • संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत के साथ अयोग्यता साबित कर या अयोग्यता पर प्रस्ताव पास कर हटाया जा सकता है |
  • कैग(CAG ) का  वेतन उच्चतम न्यायालय के न्यायधीश के समकक्ष  होगा | कैग(CAG ) का  पेंशन पेंशन व भत्ते भारत की संचित निधि(CONSOLIDATED FUND OF INDIA ) पर भारीत होते हैं अवकाश प्राप्ति के पश्चात कोई भी सरकारी पद धारण नहीं कर सकता है |
  • महालेखा परीक्षक का प्राथमिक उद्देश्य  सुनिश्चित करना है कि, संसद द्वारा आवंटित धन को उसी उद्देश्य हेतु खर्च  किया जा रहा है जिस उद्देश्य हेतु संसद में आवंटित किया था साथ ही यह भी देखना है कि धन वही प्राधिकरण कर कर रहा है जिसे खर्च करने के लिए प्राधिकृत किया गया था |
  • लेखा परीक्षा का उद्देश्य होता है कि प्रत्येक खर्चे की वित्तीय आलोचना की जाए यदि कोई अनियमितता पाई जाए तो उस पर उचित कार्रवाई की जा सके |

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक अधिनियम, 1977 के अनुसार कैब(CAB) निम्नलिखित खर्चों का लेखा परीक्षा कार्य करता है -Comptroller and Auditor General of India

  • भारत की संचित निधि पर भारत की केंद्र सरकार तथा राज्य सरकारों के सभी फलों का |
  • भारत की आकस्मिक निधि और लोक निधि के सभी खर्चों का |
  • किसी विभाग द्वारा किए गए सभी व्यापार, निर्माण, लाभहानि, की जांच |
  • कैग(CAG) , सरकार के सभी विभागों की जमा पूंजी की जांच करना |
  • कैग(CAG) ,सभी सरकारी कंपनियों के खर्चों की जांच करना |
  • उन सभी नियमों के खर्चों की जांच करना जिनकी कानून द्वारा कैब को अनुमति दी जाए |
  • कैग(CAG ), सरकारी खरीद बिक्री की जांच करता है तथा यह देखता है कि इन्हें कितनी जाता है की जांच की जा सकती है |
  • कैग(CAG), सरकार की समस्त प्राप्तिओं की जांच करता है तथा यहां देखता है कि, करो तथा राजस्व की प्राप्ति  में  नियम कानूनों की अनदेखी तो नहीं की गई है |
  • नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक किसी कर का निर्धारण  करता है , यहां शुद्ध आगामी का अर्थ है-  शुल्क की ऐसी प्राप्तियां  जिसमें संग्रहण की लागत सम्मिलित ना हो (अनुच्छेद 297) |
  • कैग(CAG),  सभी प्रशासनिक प्राधिकरण के खर्चों प्राप्तियो की जांच करता है |
  • कैग सभी सरकारी विभागों, निगम के खर्चे व खरीद व बिक्री की कार्यकुशलता की जांच करता है तथा यह भी उठता है कि क्या इससे बेहतर किया जा सकता था या नहीं |
  • कैग द्वारा (AUTONOMOUS BODIES) के  लेन-देन, प्रारंभिक रिकॉर्ड खाता, रजिस्टर ,व प्रतिवेदन(REPORT) की जांच की जाती है |

 वह निम्न प्राप्तियां और व्यायाम का भी लेखा परीक्षा करता है

  • वह सभी निकाय एवं प्राधिकरण जिन्हें केंद्र या राज्य सरकार से अनुदान प्राप्त करता है |
  • सरकारी कंपनियों एवं निगम की आय एवं व्यय का लेखा परीक्षण करना|
  • जब संबंधी नियमों द्वारा आवश्यक , अन्य निगमों एवं निकायों का लेखा परीक्षा|
  • केंद्र सरकार के लेखों से संबंधित प्रतिवेदन राष्ट्रपति को सौंपा है जो उसे संसद के पटल पर रखते हैं (अनुच्छेद 151)|
  • महालेखा परीक्षक संसद  अभिकर्ता(AGENT) होता है और उसी के माध्यम से खर्चा का लेखा परीक्षण करता है इस तरह वह केवल संसद के प्रति जिम्मेदार होता है |
  • राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेखा परीक्षा हेतु प्रशिक्षण देना भी कैग(CAG),  का महत्वपूर्ण कार्य है |
  • कोई भी मंत्री संसद के दोनों सदनों में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता और कोई मंत्री उसके द्वारा किए गए किसी कार्य की जिम्मेदारी नहीं ले सकता|

कैग(CAG),  की शक्तियां – भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक Comptroller and Auditor General of India

  • यह केंद्र सरकार की  सर्वोच्च लेखांकन संस्था है | जो सिविल न्यायालय की शक्तियां को धारण करती है | इसके अंतर्गत वह किसी विभाग के लेखा-प्रपत्र  की जांच कर सकता है तथा किसी भी विभाग से दस्तावेज मंगवा सकता है |

लोक लेखा समिति

  • संसद के द्वारा कैग(CAG),  की प्रतिवेदन(REPORT) को लोक लेखा समिति(PUBLIC ACCOUNT COMMITTEE:PAC) को सौंपा जाता है और लोक लेखा समिति द्वारा कैग(CAG),  की प्रतिवेदन(REPORT) को लेकर सरलीकरण किया जाता है क्योंकि कैग(CAG),  की प्रतिवेदन(REPORT)  तकनीकी होती है |
  • लोक लेखा समिति अपनी प्रतिवेदन संसद में प्रस्तुत करती है |  कैग(CAG), प्रतिवेदन को समझने में लोक लेखा समिति की सहायता करता है |
  • लोक लेखा समिति के द्वारा प्रतिवेदन को समझने के लिए कभी भी कैग(CAG),  को बुलाया जा सकता है
  • कैग(CAG),  सरकार के  आय और व्यय  की देखरेख करने वाली सबसे बड़ी संवैधानिक संस्था का दर्जा प्राप्त है अर्थात कैग(CAG),  की भूमिका जनता के धन के रक्षक के रूप में है |
  • गुप्त सेव व्यय    कैग(CAG),की लेखा परीक्षा भूमिका पर सीमाएं निर्धारित करता है इस संबंध में कैग(CAG),  कार्यकारी एजेंसियों द्वारा किए गए व्यय के DETAILS नहीं मांग सकता, बल्कि उसे सक्षम प्रशासनिक प्राधिकारी से प्रमाण- पत्र को स्वीकार करना होता है जो आय और व्यय इस प्राधिकार के अंतर्गत किया गया है |

सार्वजनिक निगमों की लेखा परीक्षा में कैग(CAG), की भूमिका सीमित है निगमों के साथ इसके संबंध को निम्नलिखित तीन श्रेणियों में रखा जा सकता है

कुछ निगम की लेखा परीक्षा पूर्णरूपेण  प्रत्यक्ष तौर पर कैग(CAG),  द्वारा की जाती है | उदाहरणदामोदर नदी घाटी, निगम तेल, एवं प्राकृतिक गैस ,आयोग, एयर इंडिया, इंडियन एयरलाइंस, कारपोरेशन आदि |

कुछ निगमों की लेखा परीक्षा निजी पेशेवर लेखा परीक्षकों के द्वारा की जाती है जो कैग(CAG), की सलाह पर केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं की आवश्यकता हो तो कैग(CAG),  लेखा परीक्षा कर सकती है – उदाहरण –केंद्रीय भंडारण निगम, औद्योगिक वित्त निगम |

  • नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक 2020 कौन है?
  • वर्तमान में भारत के महालेखा परीक्षक कौन है?
  • नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का कार्यकाल कितना होता है?
  • कैग के अध्यक्ष कौन हैं?

संवैधानिक निकाय (Constitutional body)

  • Attorney General
  • Election Commission of India
  • Controller U Auditor General
  • Union Public Service Commission
  • Finance Commission
  • National Commission for Scheduled Castes
  • National Commission for Scheduled Tribes

Must read :–
राजभाषा(Official Language)
मूल कर्तव्य (Core Duties)
महत्वपूर्ण संविधान संशोधन(Important Constitution Amendment)
Vice-President -(उपराष्ट्रपति )
भारतीय संविधान(Indian Constitution)
संविधान के स्रोत : प्रकृति एवं विशेषताएं
संविधान की प्रस्तावना(Preamble to the Constitution)
नागरिकता(Citizenship)
मूल अधिकार (Fundamental Rights)
Directive Principles of Policy (Part -4, Articles 36 – 51)

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