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राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग National Minorities Commission

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग(National Minorities Commission)

  • अल्पसंख्यकों के लिए सबसे पहले वर्ष 1960 में उत्तर प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया इसके बाद केंद्र की जनता पार्टी सरकार के द्वारा वर्ष 1978 में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग(National Minorities Commission) नेशनल कमीशन फॉर मेन मूर्ति की स्थापना की गई |
  • राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु की गई है
  • आयोग का मुख्य कारण अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा से संबंधित आवश्यक उपायों का निर्माण , इसके लिए प्रदत्त संवैधानिक प्रावधानों का उचित प्रकार से क्रियान्वयन करना है
  • इस आयोग की स्थापना का उद्देश्य अल्पसंख्यक में रक्षा की भावना का विकास करना तथा पंथनिरपेक्ष परंपराओं को शुद्र रखते हुए राष्ट्रीय एकीकरण नेशनल इंटीग्रेशन को बढ़ावा देना है
  • वर्ष 1992 पारित अधिनियम के द्वारा इस आयोग को वैधानिक स्वरूप प्रदान किया गया है
  • केंद्र सरकार के द्वारा 6 समूह मुस्लिम, इसाई, जैन, पारसी, को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में अधिसूचित किया गया है
  • वर्ष 1995 में संशोधन करके इसका नाम अल्पसंख्यकों के लिए राष्ट्रीय आयोग कर दिया गया है

अल्पसंख्यकों से संबंधित संवैधानिक प्रावधान(Constitutional provisions related to minorities)

  • संविधान में अल्पसंख्यकों की रक्षा तथा विकास हेतु अनेक प्रावधान है
  • संविधान में मौलिक अधिकारों के अंतर्गत अनुच्छेद 29 में अल्पसंख्यकों की भाषा लिखी तथा संस्कृति के संरक्षण का अधिकार प्रदान किया गया है
  • अनुच्छेद 350 के अंतर्गत प्रावधान है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी शिकायत निवारण के लिए संघ राज्य में बोली जाने वाली किसी भी भाषा में आवेदन कर सकता है
  • अनुच्छेद 350 ए(A) के अनुसार, प्रत्येक राज्य भाषा अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों को प्राथमिक स्तर पर शिक्षा मातृभाषा में देने का उचित प्रबंध करेगा अतः इन वर्गों की भाषाओं को संरक्षण दिया गया है

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की संरचना(Composition of National Minorities Commission)

  • यह एक बहुत सदस्य संस्था है|  राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में एक अध्यक्ष एक उपाध्यक्ष तथा पांच अन्य सदस्य होते हैं अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों का अल्पसंख्यक समुदाय से होना आवश्यक है | नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है |
  • आयोग के अध्यक्ष तथा सभी सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्षों का होता है
  • राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नेशनल ह्यूमन राइट कमीशन का पदेन सदस्य भी होता है

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के कार्य(Functions of National Minorities Commission)

  • राष्ट्रीय अल्पसंख्यक के अधिकारों के हनन की शिकायतों को सुना तथा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास के स्तर का मूल्यांकन करना इस संबंध में सुझाव देना |
  • राष्ट्रीय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा तथा कल्याण से संबंधित प्रयासों में सहयोग देना |
  • संघ और राज्य सरकारों द्वारा पारित (अल्पसंख्यकों से संबंध) विधियों पर सुझाव देना, देना करना तथा अल्पसंख्यकों की शिकायतों की जांच करना |
  • राष्ट्रीय अल्पसंख्यक ओं के कल्याण के लिए वैधानिक व कल्याणकारी उपायों को समझाना |

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की शक्तियां (Powers of National Minorities Commission)

  • राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग निर्धारित कार्य की पालन करते समय सिविल न्यायालय की शक्तियां धारा करता है
  • राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग भारत में किसी भी व्यक्ति को समन जारी कर सकता है अथवा उपस्थित होने के लिए बाध्य कर सकता है |
  • राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग किसी भी दस्तावेज की मांग कर सकता है वह शपथ पत्र दाखिल कर सकता है |
  • पिछड़ा वर्ग आयोग और अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के संबंध में कहा गया है कि उनके सदस्य ऐसे व्यक्ति होंगे जिन्हें उन समुदायों के संबंध में विशेष ज्ञान हो लेकिन राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्यों के संबंध में वर्णित किया गया है कि वह अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित तथा सदस्यों की नियुक्ति हेतु विशेष ज्ञान का प्रावधान नहीं किया गया है

उस्ताद योजना(Master plan)

  • अल्पसंख्यक में पारंपरिक कला और समुदाय से संबंधित हस्तकला को बढ़ावा देने हेतु केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय द्वारा 15 मई 2015 को वाराणसी में पारंपरिक शिल्प कौशल विकास प्रशिक्षण योजना का शुभारंभ किया गया |
  • सच्चर समिति योग इसकी अनुशंसा
  • मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय के विकास हेतु वर्ष 2005 में पूर्व मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र सच्चर की अध्यक्षता वाली सात दिवसीय सच्चर समिति ने वर्ष 2006 में अपनी प्रतिवेदन दिया |

प्रतिवेदन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं(The main points of the report are as follows)

  • वंचित अल्पसंख्यक समुदाय के हितों के सुविचार इन प्रतिनिधित्व के लिए एक समाज एक समान अवसर आयोग का गठन किया जाए | विश्वविद्यालयों में अति सामाजिक धार्मिक पिछड़े वर्गों की प्रवेश हेतु विशेष मापदंड तैयार किए जाएं
  • मदरसों को सीनियर सेकेंडरी विश्वविद्यालयों से लग्न किया जाए | इनके द्वारा निर्मित उपाधियों को रक्षा योग अन्य परीक्षाओं की आहार तहत मान्य किए जाएं 500 करोड़ रुपए की धनराशि से राष्ट्रीय वक्ता विकास निगम की स्थापना की जाए विभिन्न सामाजिक आर्थिक वर्गों हेतु एक राष्ट्रीय डाटा बैंक नेशनल डाटा बैंक का सृजन किया जाए |
  • अर्जुल मुस्लिम अनुसूचित जाति या अति पिछड़ा वर्ग के रूप में वर्गीकृत किया जाए सार्वजनिक निकायों में अल्पसंख्यकों की सहभागिता के  लिए स्पष्ट प्रक्रिया स्थापित की जाए | मुस्लिमों में रोजगार बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं |
  • विभिन्न धार्मिक सामाजिक श्रेणियों  तक विकास के लाभ की पहुंच का आकलन किया जाए |

संयुक्त राष्ट्र घोषणा 1992(United Nations Declaration 1992)

  • अल्पसंख्यक समुदाय को मजबूत बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने 18 दिसंबर 1992 को अल्पसंख्यकों के जातीय धार्मिक तथा भाषा अधिकारों के संबंध में घोषणा की की , संयुक्त राष्ट्र संघ अल्पसंख्यकों के राष्ट्रीय जातीय सांस्कृतिक धार्मिक अधिकारों एवं अस्तित्व की रक्षा करेगा इस उपलक्ष में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग प्रतिवर्ष 18 दिसंबर को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक दिवस मनाता है

प्रति पंचायत कार्यक्रम(Pragati Panchayat Program)

 अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु 29 सितंबर 2016 को प्रगति पंचायत कार्यक्रम का प्रारंभ हरियाणा के मेवात जिले से किया गया  |

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