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क्षेत्रवाद(Regionalism)

क्षेत्रवाद(Regionalism)

  • किसी भी भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तियों का समूह जो उस क्षेत्र विशेष के लिए विशिष्ट राजनीतिक एवं ‘आर्थिक सुविधाओं की मांग करें या अपनी क्षेत्रीय संस्कृति रीजनल कलर पहचान को बनाए रखने का प्रयास करें तो वह संकल्पना क्षेत्रवाद(Regionalism)कहलाती है
  • क्षेत्रीय समूहों का आधार आर्थिक या राजनीतिक आर्थिक क्षेत्र में नहीं होता है
  • क्षेत्रवाद की मूल जड़े संपत्ति संबंधों के प्रतिरूपों अथवा भूमि सुविधाओं एवं उनके कार्य के प्रतिरूपों में निहित होती है

क्षेत्रवाद का अर्थ(Meaning of regionalism)

  • क्षेत्रवाद(Regionalism) का मतलब  किसी क्षेत्र विशेष के लोगों की एक सामूहिक पहचान एवं सामूहिक चेतना में निहित है जिनमें उनके भौगोलिक हित भी सम्मिलित होते हैं अतः क्षेत्रवाद की धारणा मूलता राजनीतिक
  • क्षेत्रवाद(Regionalism) सांस्कृतिक एवं नृजातीय दोनों कारणों से पाया जाता है क्योंकि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा सीमित संसाधनों के लिए पाई जाती है और आर्थिक संसाधनों का असमान वितरण भाषा  विशेषताओं से जुड़ जाता है
  • क्षेत्रवाद का एक अन्य रूप भूमि पुत्र आंदोलन(Land son movement) के रूप में भी जाना जाता है जिसका अभिप्राय है किसी विभाग में पैदा होने वाले व्यक्तियों का उस भू-भाग और उसके संसाधनों पर पहला अधिकार है

 “महाराष्ट्र में भूमि पुत्र आंदोलन क्षेत्रवाद का एक उदाहरण है जिसके द्वारा मराठों ने गैर मराठों को महाराष्ट्र छोड़ देने का नारा दिया

क्षेत्रवाद व पृथकवाद के मध्य अंतर(Difference between regionalism and isolationism)

  • क्षेत्रवाद व पृथकवाद के मध्य अंतर  स्पष्ट है क्योंकि पृथकवाद विघटनकारी है इसमें एक समुदाय के लोग एक राजनीतिक व्यवस्था से पृथक या अलग होना चाहते हैं
  • नागालैंड में चलने वाली गतिविधियों पृथकवाद का उदाहरण है क्षेत्र में जन समूह अपने लिए विशेष सुविधाओं की मांग करता है ना की राजनीतिक व्यवस्था से अलगाव का समर्थन करता है

 क्षेत्रवाद उत्पन्न होने के कारण (Due to regionalism)

  • असमान आर्थिक विकास के कारण क्षेत्रवादी आंदोलन उत्पन्न होते हैं आंध्र प्रदेश में वर्ष 1990 के पश्चात तेलंगना क्षेत्र का विकास आंध्र प्रदेश के अन्य भाग की तुलना में बेहतर नहीं हुआ इसीलिए तेलंगना पृथक राज्य की मांग की गई
  • सांस्कृतिक पहचान खोने  का भय क्षेत्रवादी आंदोलन के उत्पन्न होने का कारण है भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में बाहर से आए लोगों के कारण स्थानीय संस्कृति को खोने का भय उत्पन्न होने लगा |
  • राजनीति क्षेत्रवाद को जन्म नहीं देती बल्कि यह क्षेत्रीय निष्ठा का प्रबलन एवं शोषण करती है
  • बोडोलैंड के लोग अपनी भाषा बोडो के संरक्षण के लिए एक अलग राज्य बोडोलैंड की मांग कर रहे हैं क्योंकि असम राज्य में असमी  भाषा का प्रभाव है
  • राजनीतिक प्रभुत्व  के कारण भी क्षेत्रवादी आंदोलन उत्पन्न होते हैं स्वतंत्रता के बाद दक्षिण भारत में हिंदी विरोधी आंदोलन आरंभ हुआ क्योंकि उन्हें यह था कि हिंदी को एकमात्र आधिकारिक भाषा बनाने के कारण गैर हिंदी भाषी लोगों को रोजगार प्राप्त करने में कठिनाई होगी
  • क्षेत्रवादी आंदोलन स्वतंत्रता भारत में सबसे व्यापक रूप में दक्षिण भारत में उत्पन्न हुआ और डी.एम.के(D.M.K) के नेतृत्व में हिंदी और उत्तर भारत का विरोध का आंदोलन चलाया गया
  • पंजाब में क्षेत्रवाद आंदोलन पंजाब राज्य आंदोलन के रूप में आया | आंदोलन अकाली दल द्वारा चलाया गया था तथा इस आंदोलन की मुख्य मांग पंजाबी भाषी लोगों के लिए अलग राज्य का निर्माण करना था वर्ष 1966 में पंजाब के रूप में अलग राज्य का निर्माण हुआ
  • बिहार का झारखंड आंदोलन बाहरी लोगों के विरुद्ध था | स्वतंत्र भारत में झारखंड आंदोलन में एक अलग राज्य की मांग की
  • बंगाल में गोरखालैंड आंदोलन 80 के दशक में प्रारंभ हुआ जिसे दार्जिलिंग कालिमपोंग तथा कुर्सियांआग आदि जिलों के क्षेत्रों को मिलाकर एक नए राज्य की मांग की गई
  • जम्मू कश्मीर का भी आंदोलन वादी आंदोलन में परिवर्तित हो गया फुर्सत कॉन्फ्रेंस इस वादी आंदोलन का नेतृत्व कर रही है
  • The group of persons living in any geographical area who demand specific political and economic features for a particular region or try to maintain their regional culture regional color identity is called the concept regionalism.
  • The basis of regional groups is economic or political economic.
  • Area does not have the root roots of regionalism lies in the forms of property relations or land features and their work.
  • The meaning of regionalism lies in a collective identity and collective consciousness of people of a particular area from today.
  • Their geographical interests are also included, so the notion of regionalism is found primarily for political regionalism both cultural and ethnic reasons because political competition is found for limited resources and uneven distribution of economic resources is associated with language and ethnic characteristics.
  • The other form is also known as Bhumi Putra Movement Son of Soil Movement, which means that land of people born in a department And the first right on its resources is the Bhoomi Putra movement in Maharashtra is an example of regionalism by which the Marathas gave the slogan to the non-Marathas to leave Maharashtra.
  • There is a difference because a separate debate is disruptive.
  • In this, people of a community want to separate or break away from a political system. The activities going on in Nagaland is an example of a separate debate.
  • People groups in the area demand special facilities for themselves rather than separation from the political system.
  • Supports area-based movements due to uneven economic growth due to regionalism arising.
  • After the year 1990, the development of Telangana region in Andhra Pradesh did not get better than other part of Andhra Pradesh, hence Telangana demanded separate state The fear of having a cultural identity is the cause of the region’s movement, people from outside in the north-eastern states of India started to fear losing their local culture.
  • Politics does not give rise to regionalism, rather it reinforces and exploits regional leaders.
  • The people of Bodoland are demanding a separate state of Bodoland for the preservation of their language plants as the real language influence in the state of Assam is also due to political dominance in the region. Wadi movements arise.
  • After independence, anti-Hindi movement started in South India because they had that non-Hindi speaking people would have difficulty in getting employment due to making Hindi as the only official language.
  • Originated in South India and led by the DMK, a movement of protest against Hindi and North India was organized as regionalism movement in Punjab came in the form of Punjab State Movement or movement was run by Akali Dal and the main demand of this movement was for Punjabi speaking people.
  • A separate state was to be created in the year 1966.
  • A separate state was formed in the form of Punjab, Jharkhand Movement of Bihar and Jharkhand Movement in independent India, demanding a separate state Gorkhaland movement in Bengal.
  • The movement of Jammu and Kashmir which was started in the decade of 90 and demanded the creation of a new state by merging the districts of Darjeeling and Kurse, etc., the movement has turned into a Wadi movement.

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